लखनऊ के नगर निगम मुख्यालय में सोमवार को आयोजित जनता दरबार में महापौर सुषमा खर्कवाल ने नागरिकों की सभी समस्याएँ सुनीं और उनके त्वरित निस्तारण के लिए समायाओं से संबंधित विभागीय सभी अधिकारियों को सुलझाव के लिए आवश्यक आदेश दिए। 9 दिसंबर को सुबह से ही विभिन्न वार्डों से आए लोग अपनी शिकायतों के साथ कार्यालय पहुँचे थे, जिनमें सफाई व्यवस्था, जल निकासी, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, कर संबंधी मुद्दे तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें भी शामिल थी। इन सभी मुद्दों पर सुषमा खरकवाल ने अपनी वाजिब प्रतिक्रिया भी दी।
नगर निगम कार्यालय में जनता दरबार के दौरान महापौर सुषमा खरकवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया था कि किसी भी समस्या के समाधान में बेवजह का विलंब न किया जाए और प्रत्येक मामले की प्रगति की प्रक्रिया रिपोर्ट नियमित रूप से उन तक पहुंचाई जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम का उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराना है, जिसके लिए सभी विभागों को सजग और उत्तरदायी रहना चाहिए। और साथ ही साथ जनता की समस्याओं पर ध्यान भी देना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी पार्षद, नागरिकों एवं गण व्यक्तियों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हाल ही में जारी की गई पाती के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। पाती में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अवैध रूप से निवास कर रहे घुसपैठियों के विरुद्ध चल रही कानूनी कार्रवाई का उल्लेख करते हुए लोग में जागरूकता बढ़ाने और नागरिकों से सामूहिक उत्तरदायित्व भी निभाने की भी विशेष अपील की है। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी संदेश में नागरिकों से आग्रह किया गया है कि घरेलू या व्यावसायिक कार्यों के लिए किसी भी व्यक्ति को नियुक्त करने से पूर्व उसकी पहचान का निश्चय अवश्य करें, जिससे कि सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखा जा सके। इस संदर्भ में महापौर सुषमा खरके ने भी कहा कि सामाजिक संतुलन और सुरक्षा सुनिश्चित करने में नागरिकों की सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साथ ही महापौर सुषमा ने जनता दरबार में उपस्थित लोगों से यह भी अपील की कि मुख्यमंत्री योगी का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाया जाए, ताकि प्रदेश की सुरक्षा और सामाजिक समरसता को और दृढ़ तरीके से मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन और नागरिक, दोनों के संयुक्त प्रयास से ही सुरक्षित और सुचारु वातावरण का निर्माण संभव है।



