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तकनीकी समस्या के चलते प्रदेश में स्मार्ट मीटर पर रोक, लगेंगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर

संस्कार श्रीवास्तव: स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार चल रहे विरोध के बाद प्रदेश में स्मार्ट मीटर को बदलने पर रोक लगा दी गई है। यह रोक आ रही लगातार समस्याओं को देखते हुए लगाई गई है। तकनीकी रिपोर्ट के आने तक यह रोक लगी रहेगी और रिपोर्ट आने के बाद इस पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा। लेकिन बिजली के नए कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर से ही दिए जाएंगे।

प्रदेश में करीब 3.5 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के मीटर को स्मार्ट मीटर में बदला जाना है। साल भर में 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। इनमें 70.50 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए तकनीकी समिति गठित कर जांच करने के निर्देश दिए थे। इस समिति का गठन 12 अप्रैल को किया गया था, परंतु इसी बीच उपभोक्ताओं ने आंदोलन शुरू कर दिया।

इस स्थिति को देखते हुए शनिवार रात पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने स्मार्ट मीटर बदलने का काम रोकने का आदेश दिया है। उन्होंने सभी निगमों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिया है कि जब तक तकनीकी समिति की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक स्मार्ट मीटर बदलने का काम रोक दिया जाए।

उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाते समय उनकी अनुमति नहीं ली गई। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने अपनी मनमानी कर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगा दिए। इससे उपभोक्ताओं के सामने अचानक बिजली कनेक्शन काट दिए जाने और अन्य कई समस्याएं सामने आ रही हैं।

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