पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान से क्षेत्र में शांति बनाए रखने और संघर्षविराम को बरकरार रखने की अपील की है। यह बयान उस समय आया है जब दोनों देशों के बीच लंबी चली बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
अधिकारियों ने बताया कि कई घंटों तक चली मैराथन वार्ता के बावजूद किसी बड़े समझौते की घोषणा नहीं हो पाई।इस बैठक का आयोजन इस उद्देश्य से किया गया था कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम किया जा सके और दोनों देशों के बीच किसी तरह का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके। हालांकि बातचीत के बाद भी हालात में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में संवाद ही एकमात्र रास्ता है और दोनों देशों को धैर्य और समझदारी से काम लेना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी प्रकार का टकराव पूरे क्षेत्र के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता है तो इसका असर केवल इन दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है।
ऐसे में पाकिस्तान समेत कई देश चाहते हैं कि दोनों पक्ष बातचीत जारी रखें और किसी भी बड़े टकराव से बचें।फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर बनी हुई है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान क्या अगला कदम उठाते हैं, क्योंकि इनके फैसले पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।



