दृष्टि कपूर: तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। DMK, AIADMK और सुपरस्टार विजय की नई पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं। इसी बीच TVK प्रमुख विजय की रद्द होती रैलियों ने नई बहस छेड़ दी है। DMK ने इस पर ‘WFH’ यानी वर्क फ्रॉम होम का तंज कसा है।विवाद की जड़: रैलियां रद्द क्यों?विजय ने हाल ही में मदुरई ईस्ट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया और साफ किया कि TVK अकेले चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि TVK ‘जनता की टीम’ है।लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि पिछले कुछ हफ्तों में विजय की कई निर्धारित जनसभाएं और रोड शो आखिरी वक्त पर रद्द हुए हैं। पार्टी की तरफ से ‘तकनीकी कारण’ या ‘शेड्यूल बदलाव’ बताया गया, मगर विपक्ष इसे गंभीरता की कमी बता रहा है।DMK का तंज: ‘घर से लड़ेंगे चुनाव?’DMK नेताओं ने विजय पर सीधा हमला बोला।
DMK का आरोप है कि विजय सोशल मीडिया और वीडियो मैसेज के भरोसे हैं, जबकि CM एम.के. स्टालिन और AIADMK प्रमुख ई.के. पलनीस्वामी रोज जिलों में जाकर जनसभाएं कर रहे हैं।DMK के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा: _”वो घर से काम (Work From Home) करके चुनाव जीतना चाहते हैं क्या? तमिलनाडु की जनता मैदान में पसीना बहाने वाले को वोट देती है, AC में बैठकर ट्वीट करने वाले को नहीं।”_TVK का पलटवार: ‘हम शेर हैं, शिकार पर निकलते हैं’TVK ने DMK के तंज का जवाब दिया। TVK महासचिव आधव अर्जुना ने कहा कि “शेर सिर्फ शिकार करने निकलता है”।
उनका इशारा था कि विजय कम लेकिन बड़ी और असरदार रैलियां करेंगे।अर्जुना ने DMK-कांग्रेस गठबंधन पर भी सवाल दागा: _”अगर DMK को 200 सीट जीतने का भरोसा है तो कांग्रेस को सिर्फ 25 सीटें क्यों दे रही है? जब वोट CM और सरकारी योजनाओं के नाम पर मांगे जा रहे हैं, तो DMK को सभी 234 सीटों पर अकेले लड़ना चाहिए।”_चुनावी गणित: त्रिकोणीय टक्कर में कौन किस पर भारी?ओपिनियन पोल का हाल*JVC के ताजा सर्वे ने चौंकाया है। 2.3 लाख लोगों के सैंपल पर हुए सर्वे में *AIADMK गठबंधन को 131-150 सीटें* मिलती दिख रही हैं – यानी साफ बहुमत। *DMK गठबंधन 80-101 सीटों* पर सिमट सकता है। वोट शेयर में भी AIADMK 40.1%-41.2% के साथ DMK के 36.1%-38.5% से आगे है।हालांकि दूसरे पोल में तस्वीर अलग है: DMK+ को 113-123 सीटें और AIADMK+ को 106-116 सीटें – यानी कांटे की टक्कर।विजय फैक्टर: DMK का वोट काटेंगे?विजय की TVK को 14.8% वोट और 2-8 सीटें मिल सकती हैं। 18-24 साल के युवाओं में विजय सबसे पसंदीदा चेहरा हैं।असली खेल अल्पसंख्यक वोट का है। तमिलनाडु में 7% ईसाई वोटर हैं और विजय खुद क्रिश्चियन हैं। मुस्लिम वोटरों में भी उनकी पकड़ बन रही है। ये 12% ईसाई-मुस्लिम वोट पारंपरिक तौर पर DMK का कोर वोटबैंक रहा है। अगर इसमें सेंध लगी तो DMK को सीधा नुकसान होगा।विजय ने भी साफ किया है: _”मेरा मुकाबला DMK से है।”_ वो स्टालिन पर बीजेपी से ‘गुप्त सांठगांठ’ का आरोप लगाते हैं।DMK vs AIADMK: दोनों सतर्कCM स्टालिन ने चुनाव को ‘तमिलनाडु बनाम NDA’ की लड़ाई बनाया है। महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, मासिक आर्थिक मदद को बड़ा मुद्दा बनाया है। वादा किया है कि सरकार बनी तो महिलाओं की मदद दोगुनी होगी।उधर AIADMK नेता के.टी. राजेंद्र बालाजी ने TVK से गठबंधन की अटकलों को खारिज किया: _”AIADMK ही सत्तारूढ़ DMK का एकमात्र मजबूत विकल्प है।”_JVC सर्वे के मुताबिक किसानों की नाराजगी DMK के खिलाफ जा रही है। त्रिची और डेल्टा जैसे DMK के गढ़ों में भी AIADMK ने पकड़ बनानी शुरू कर दी है। क्या? MGR वाला करिश्मा दोहरा पाएंगे विजय?1977 में एम.जी. रामचंद्रन ने अपनी स्टार पावर के दम पर DMK को हराकर AIADMK की सरकार बनाई थी। 50 साल बाद विजय वही करिश्मा दोहराने का दावा कर रहे हैं।DMK उन्हें ‘WFH नेता’ कहकर गैर-गंभीर दिखाने की कोशिश कर रही है। TVK इसे ‘क्वालिटी ओवर क्वांटिटी’ की रणनीति बता रही है।2026 का चुनाव तय करेगा कि तमिलनाडु की जनता को ‘मैदान में उतरने वाला नेता’ चाहिए या ‘सोशल मीडिया का सुपरस्टार’। फिलहाल तो DMK-AIADMK की 50 साल पुरानी दो-ध्रुवीय राजनीति को विजय ने हिला जरूर दिया है।—_क्या विजय की ‘कम रैली’ वाली रणनीति काम करेगी या DMK का ‘WFH’ तंज वोटरों के दिमाग में बैठ जाएगा?_



