श्रेया मेहरोत्रा: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अस्थायी युद्धविराम की खबर से वैश्विक बाजारों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया, जहां सेंसेक्स ने लगभग 3,000 अंकों की बड़ी छलांग लगाई और 77,563 के स्तर पर बंद हुआ। यह तेजी बाजार के इतिहास के दूसरे सबसे बड़े एकदिवसीय उछालों में से एक मानी जा रही है।
इस तेजी के चलते निवेशकों की संपत्ति में भी भारी इजाफा हुआ। एक ही दिन में करीब ₹16.3 लाख करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो अब तक के सबसे बड़े एकदिवसीय लाभों में शामिल है। बाजार में यह उछाल मुख्य रूप से सकारात्मक वैश्विक संकेतों और घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी के कारण आया। इस दौरान कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखी गई। क्रूड ऑयल करीब 13% गिरकर 95.6 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया, जिससे महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई और बाजार को अतिरिक्त सहारा मिला। इसके साथ ही भारतीय रुपया भी मजबूत हुआ और बाजार में अस्थिरता का संकेत देने वाला इंडिया VIX करीब 20% गिरकर नीचे आ गया। अगर सेक्टर के लिहाज से देखें तो रियल एस्टेट, ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे सेक्टरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। दिनभर की ट्रेडिंग में घरेलू निवेशकों ने करीब ₹4,168 करोड़ का निवेश किया, जबकि विदेशी निवेशकों ने ₹281 करोड़ की बिकवाली की। कुल मिलाकर बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग ₹445 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार की इस तेजी पर विशेषज्ञों ने सतर्क रहने की सलाह दी है। कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड के प्रबंध निदेशक निलेश शाह के अनुसार, “निवेशकों को अनुशासन बनाए रखना चाहिए और बाजार के उतार-चढ़ाव के पीछे भागने से बचना चाहिए। निवेश हमेशा एक तय रणनीति और एसेट एलोकेशन के अनुसार ही करना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि युद्धविराम अभी नाजुक स्थिति में है और बाजार आगे भी वैश्विक घटनाओं के प्रति संवेदनशील बना रह सकता है। कुल मिलाकर, यह तेजी बाजार के लिए राहत भरी खबर जरूर है, लेकिन आने वाले दिनों में वैश्विक परिस्थितियों पर नजर बनाए रखना निवेशकों के लिए बेहद जरूरी होगा।



