संस्कार श्रीवास्तव: पाकिस्तान के इस्लामाबाद में मंगलवार को होने जा रहे दूसरे वार्तालाप में ईरान ने अमेरिका को शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान ने कहा है कि उसका प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान नहीं जाएगा। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचेगा।
ट्रम्प ने साफ धमकी देते हुए ईरान से कहा है कि यदि युद्ध रोकने पर कोई समझौता नहीं हुआ तो ईरान पूरी तरह से तबाह कर दिया जाएगा। ईरान और अमेरिका के इस सख्त रुख को देखते हुए शांति वार्ता रद्द होती हुई दिख रही है।हालांकि, मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान व अन्य देशों की कोशिशें जारी हैं। भारतीय जहाजों पर गोलाबारी की घटना को लेकर ट्रम्प ने कहा कि ऐसा कर ईरान ने युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन किया है।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि फिर भी मैं शांति समझौते के लिए मजबूर हूं और इसे करने के लिए तैयार हूं, और यह होकर रहेगा। व्हाइट हाउस ने कहा कि ईरान के सामने अमेरिकी सरकार बहुत ही निष्पक्ष और उचित समझौता पेश कर रही है। मुझे उम्मीद है कि वे इसे स्वीकार करेंगे। अब नरमी नहीं बरती जाएगी। अगर ईरान ने अब शर्तें नहीं मानीं तो उसके पल और बिजली संयंत्र नष्ट कर दिए जाएंगे।
वहीं, ईरानी समाचार एजेंसी के मुताबिक अमेरिका की अत्यधिक मांगें, अवास्तविक अपेक्षाएं, रुख में लगातार बदलाव, विरोधाभासी बयान और अमेरिका की नौसेना की तरफ से नाकाबंदी के कारण ईरान ने वार्ता में शामिल होने से साफ इनकार करने का फैसला लिया है।



