संस्कार श्रीवास्तव: शुक्रवार को हुई लोकसभा की बैठक में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने तथा 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा लाया गया संविधान (131वां) संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका।दो दिन तक चली बहस के बाद शुक्रवार शाम 7 बजे हुए मतदान में इसके पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े।
संविधान संशोधन विधेयक होने के कारण इसे पारित होने के लिए 352 सदस्यों का समर्थन आवश्यक था, लेकिन सरकार यह संख्या प्राप्त नहीं कर पाई।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मत विभाजन की घोषणा करते हुए कहा कि संविधान (131वां) संशोधन विधेयक दो-तिहाई बहुमत प्राप्त न होने के कारण पारित नहीं हो सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि परिसीमन संशोधन एवं केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक इससे जुड़े होने के कारण सरकार का दोनों को आगे बढ़ाने का इरादा नहीं है।
सरकार ने कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी। इसके बाद अध्यक्ष ने सदन को स्थगित कर दिया। बहस के दौरान लगभग 130 सांसदों ने अपनी बात रखी।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधेयक पारित न होने पर विपक्ष पर निराशा जताई और कहा कि महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाला बिल गिराकर कोई जश्न कैसे मना सकता है। यह निंदनीय और कल्पना से परे है। उन्होंने कहा कि इससे देश की महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिल पाएगा।
वहीं दूसरी ओर, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि हमने देश के लोकतंत्र को बचा लिया और संविधान पर हमले को विफल कर दिया। यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं, बल्कि भारत की राजनीति को बदलने की संरचना का प्रयास है।



