संस्कार श्रीवास्तव: सोमवार को नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर श्रमिक सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शन के दौरान लगभग 300 से अधिक कंपनियों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। 20 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। इस हिंसा में 10 पुलिसकर्मियों समेत 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन और हालात को देखते हुए सरकार ने रातों-रात न्यूनतम मजदूरी में 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। यह तात्कालिक निर्णय है। नया आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। आगे वेज बोर्ड के माध्यम से व्यापक समीक्षा कर स्थायी समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि हिंसक प्रदर्शन में 300 से अधिक कंपनियों को नुकसान पहुंचा है। प्रदेश सरकार ने उच्च स्तरीय समिति का गठन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी है।नोएडा-ग्रेटर नोएडा में चार दिन से जारी श्रमिकों का प्रदर्शन सोमवार को उग्र हो गया। सुबह फेज-2 में मदरसंस कंपनी के बाहर नाराज श्रमिकों ने पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की। कई अन्य वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद पूरे शहर में प्रदर्शन हिंसक हो गया। फेज-2, एनएसईजेड के बाद सेक्टर-57, 58, 59, 62 से लेकर सेक्टर-63, 64, 65 तक प्रदर्शनकारी सड़कों पर आ गए। प्रदर्शनकारी जुलूस की तरह गुजरते हुए कंपनियों के शीशे तोड़ते गए। कई कंपनियों के अंदर घुसकर भी तोड़फोड़ की गई। सेक्टर-63 स्थित मारुति के कार सर्विस सेंटर में कई वाहनों में आग लगा दी गई और शोरूम में तोड़फोड़ की गई। दोपहर बाद पुलिस व पीएसी बल ने कई स्थानों पर लाठीचार्ज कर श्रमिकों की भीड़ को तितर-बितर कर दिया।



